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भिंड. विशाखापट्टनम से अमेज़न के प्लेटफार्म के ज़रिए ऑनलाइन गांजा तस्करी के मामले में अमेरिका की एंबेसी ने भिंड के एसपी से केस के बारे में जानकारी ली. अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हो चुके इस मामले में विशाखापट्टनम और भिंड में कुल तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. भिंड पुलिस ने इस मामले में अमेज़न कंपनी के कार्यकारी निदेशकों को एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी बनाया है, जिसके बारे में अमेरिकी दूतावास ने दखल दिया है. भिंड के पुलिस कप्तान ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ऑनलाइन गांजा तस्करी में एंबेसी के अफसरों ने अमेज़न की भूमिका को लेकर सवाल जवाब किए.

भिंड के एसपी मनोज सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि उनसे एम्बेसी ने संपर्क किया और मामले की जानकारी चाही, लेकिन सिंह ने प्रॉपर चैनल के ज़रिये इस बारे में बात करने की सलाह एम्बेसी को दी. सिंह ने PHQ स्तर पर केस की जानकारी लेने की सलाह देते हुए कार्यालयीन तरीके से ही बातचीत करने की बात कही. इधर, खबरों की मानें तो अमेज़न के अधिकारियों से ईमेल के ज़रिये संपर्क करने के बाद भिंड पुलिस ने कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे.

अमेज़न अफसरों पर होगा पुलिस वाला एक्शन
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इंदौर में ऑनलाइन ज़हर बिक्री और भिंड में दर्ज मामले के मद्देनज़र ताज़ा बयान जारी करते हुए कहा कि मप्र पुलिस से कहा गया ​है कि अमेज़न के अधिकारियों पर कार्रवाई करे. उन्हें नोटिस जारी किए जाएं और अगर वो पेश नहीं होते हैं, तो पुलिस वाले तरीके से उन्हें लाया जाए. इसके साथ ही, मिश्रा ने ऑनलाइन बिक्री के संबंध में एक नीति बनाकर दिल्ली को भेजे जाने की बात भी कही.

तूल पकड़ चुका है मामला
यह मामला दो राज्यों के साथ ही एक मल्टीनेशनल कंपनी के साथ जुड़ा होने के कारण खासा तूल पकड़ चुका है. हाल में, कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने देश के 500 से अधिक ज़िलों के 1200 से अधिक शहरों में अमेज़न के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अमेज़न अपने पोर्टल के ज़रिये अवैध गांजा बिक्री (Online sale Ganja) को प्रमोट कर रही है. अमेज़न की इस तरह की प्रैक्टिस से देश के ई-कॉमर्स व्यापार (e-commerce industry) के दूषित हो जाने की बात भी कन्फेडरेशन ने कही.

क्या है मामला और कितना गंभीर है?
भिंड पुलिस के मुताबिक गोहद थाने में अमेज़न के कार्यकारी निदेशकों पर मामला इसलिए दर्ज किया गया क्योंकि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि की थी. मामले का खुलासा तब हुआ था, जब भिंड पुलिस ने कुछ दिनों पहले गांजे की होम डिलीवरी के मामले में गोहद चौराहा छीमका निवासी पिंटू उर्फ ब्रजेंद्र सिंह तोमर और आजाद नगर, ग्वालियर निवासी सूरज और कल्लू पवैया को गिरफ्तार किया था. करीब 21.75 किलो गांजे के साथ ​पकड़े गए आरोपियों के पास अमेज़न की पैकिंग के डब्बे और बारकोड मिले थे.

पूछताछ में आरोपियों ने गांजा मंगाने के लिए आंध्रप्रदेश से अमेज़न से ऑनलाइन बुकिंग की बात कही थी. विशाखापट्‌टनम से अमेज़न के ज़रिये ऑनलाइन गांजा तस्करी खुलने पर भिंड पुलिस ने ग्वालियर के मुकुल जायसवाल और मेहगांव की चित्रा वाल्मीकि को भी गिरफ्तार किया था, जिन पर कड़ी पत्ते के नाम से गांजे की तस्करी के आरोप हैं.

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Tags: Bhind news, Madhya pradesh news





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