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Five States Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग आज एक बैठक में यह फैसला लेगा कि कोविड महामारी (Covid Pandemic) के मद्देनजर पांच चुनावी राज्यों में रैलियों, रोड शो और नुक्कड़ सभाओं पर प्रतिबंध को 15 जनवरी से आगे बढ़ाया जाए या नहीं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह रोक फिलहाल आगे भी जारी रह सकती है. केंद्रीय चुनाव आयोग (Central Election Commission) आज रैलियों और जनसभाओं पर लगी रोक को लेकर अपना आदेश जारी कर सकता है.

चुनाव आयोग ने आठ जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए महामारी के मद्देनजर 15 जनवरी तक सार्वजनिक रैलियों, रोड शो और नुक्कड़ सभाओं पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कदम उठाया था. आयोग ने 16 सूत्री दिशानिर्देश भी जारी किए थे. उसने सार्वजनिक सड़कों और चौराहों पर नुक्कड़ सभा करने पर रोक लगाई है, हालांकि सीमित संख्या में लोगों के घरघर जाकर प्रचार करने की अनुमति दी है. चुनाव नतीजों के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी रोक होगी.

आयोग ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि वे डिजिटल माध्यम से प्रचार करें. उन्होंने यह भी कहा था कि सरकारी प्रसारक दूरदर्शन के माध्यम से चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले समय को दोगुना किया जाएगा. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से शुरू होकर सात मार्च तक चलेंगे और मतगणना 10 मार्च को होगी.

SP दफ्तर में टूटा प्रोटोकॉल

इस बीच लखनऊ के गौतम पल्ली पुलिस थाने में समाजवादी पार्टी (SP) के खिलाफ आदर्श आचार संहिता और कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर FIR दर्ज की गई है. BJP के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya), धर्म सिंह सैनी (Dharam Singh Saini) और अन्य विधायकों के पार्टी में शामिल होने के लिए शुक्रवार दोपहर सपा कार्यालय में भारी भीड़ जमा होने के बाद यह कार्रवाई की गई. लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि समाजवादी पार्टी की वर्चुअल रैली बिना पूर्व अनुमति के हुई.

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